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हमारी किरदार कुशी करने वाले पहले अपना गिरेबान झांक लें, मुज्रा मामला बता दूंगा तो शहर में मुंह दिखाने के क़ाबिल नहीं रहोगे, मजलिस उम्मीदवार पर तन्क़ीद

 हमारी किरदार कुशी करने वाले पहले अपना गिरेबान झांक लें, मुज्रा मामला बता दूंगा तो शहर में मुंह दिखाने के क़ाबिल नहीं रहोगे, मजलिस उम्मीदवार पर तन्क़ीद



मालेगांव (12 जनवरी – हम भारत) इंडियन सेक्युलर लॉ रजिस्ट्स असेंबली ऑफ महाराष्ट्र (I.S.L.A.M) के बानी और क़ायद आसिफ़ शेख़ ने अवाम से अपील की है कि वह कारपोरेशन चुनावात में पार्टी के तमाम उम्मीदवारों को भारी अक़्सरियत से कामयाब बनाएं। उन्होंने कहा कि शहर में भगवा परचम लहराने की कोशिश को नाकाम बनाने के लिए ज़रूरी है कि अवाम सेक्युलर फ्रंट के उम्मीदवारों को वोट दें।

आसिफ़ शेख़ ने कहा कि बीजेपी ने अपने चुनावी मंशूर में लैंड जिहाद के नाम पर सख़्त कार्रवाई का वादा किया है, जो दरअसल दस्तूर के ख़िलाफ़ है। उन्होंने इल्ज़ाम लगाया कि इस तरह के नारों के ज़रिये ख़ास तौर पर मुस्लिम इलाक़ों को निशाना बनाया जा रहा है और सबसे पहले क़िला बस्ती जैसे इलाक़ों पर कार्रवाई की बात की जा रही है। उनके मुताबिक़ बीजेपी की यह पॉलिसी खुली मुस्लिम दुश्मनी है, जिसके मुक़ाबले के लिए सेक्युलर फ्रंट का मज़बूत होना ज़रूरी है।

उन्होंने मज़ीद कहा कि जन्म दाख़िला के मामले में हज़ारों ख़वातीन को जेल भेजा गया और अब तक तक़रीबन 3400 दरख़्वास्तें रद्द की जा चुकी हैं। इसके अलावा एस.आई.आर के नाम पर भी मुसलमानों को निशाना बनाने की कोशिश हो रही है। ऐसे हालात में अवाम को चाहिए कि वह रिक्शा और साइकिल के निशान पर वोट देकर सेक्युलर क़ुव्वतों को मज़बूत करें।

आसिफ़ शेख़ ने वार्ड नंबर 17 में असदुल्लाह ख़ान की सदरात में मुनअक़िदा जलसा-ए-आम से ख़िताब करते हुए कहा कि जो लोग बाहर से आकर यहां चुनाव लड़ रहे हैं, उन्होंने इस वार्ड में कभी कोई अवामी काम नहीं किया। अब वह अवाम को गुमराह कर रहे हैं और ज़ाती मामलात पर कीचड़ उछाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इल्ज़ाम लगाने वालों को पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।

आसिफ़ शेख़ ने सख़्त लहजे में कहा कि अगर मैंने यह बताना शुरू कर दिया कि मुज्रिमा देखने के नाम पर कौन क्या करता रहा है तो बाज़ लोग शहर में मुंह दिखाने के क़ाबिल नहीं रहेंगे। अपनी बातों को आगे बढ़ाते हुए कहा कि माज़ी में जलगांव ज़िले के माए झील नामी गांव में कौन क्या करता है, अगर वह सब मंजर-ए-आम पर आ गया तो कई लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल सकेंगे।


आसिफ़ शेख़ ने कहा कि किरदार पर बात करने वाले ख़ुद अवाम के सामने बेनक़ाब हो चुके हैं और उनकी ऑडियो क्लिप्स भी गर्दिश में हैं। उन्होंने यक़ीन दिलाया कि नुमानी नगर पाट कैनल की ज़मीन का मसला चुनाव के बाद हल कर लिया जाएगा और किसी को घबराने की ज़रूरत नहीं। उनका कहना था कि जब तक वह ज़िंदा हैं, बस्ती की एक इंच ज़मीन भी कोई नहीं हथिया सकता।


पार्टी क़ायद ने बताया कि वार्ड नंबर 17 में कई सड़कें कंक्रीट की जा चुकी हैं और कुछ सड़कों की तामीर जल्द शुरू होगी। जज़्बाती अंदाज़ में आसिफ़ शेख़ ने कहा कि इस वार्ड के अवाम ने शेख़ रशीद ख़ानदान को बेहद मोहब्बत दी है, इसी लिए वह इस वार्ड को अपना घर नहीं बल्कि अपना कुनबा समझते हैं। उनकी पार्टी ने हमेशा काम करने वाले उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं और वह कारपोरेशन चुनावात में मालेगांव के तहफ़्फ़ुज़, तरक़्क़ी और ख़ुशहाली का वादा करते हैं। उन्होंने अवाम से अपील की कि 15 जनवरी को रिक्शा के निशान पर वोट देकर न सिर्फ़ इस वार्ड बल्कि पूरे शहर में सेक्युलर फ्रंट और पार्टी के उम्मीदवारों को कामयाब बनाएं।

मक़ामी एम.एल.ए पर तन्क़ीद करते हुए कहा कि यह वक़्त इल्ज़ाम तराशी और झूठ फैलाने का नहीं है। अगर कोई शहर के लिए कुछ नहीं कर सकता तो कम अज़ कम दूसरों को बदनाम न करे और अवाम से कहा कि शहर को आपस में बांटने वाली सियासत से बचें।

आख़िर में आसिफ़ शेख़ ने इल्ज़ाम लगाया कि वार्ड नंबर 17, 19, 20 और 21 में नक़ली नोटों की तक़सीम की जा रही है, जिस पर पुलिस और इलेक्शन इंतज़ामिया को फ़ौरी तवज्जो देनी चाहिए। अगर कार्रवाई न हुई तो 17 जनवरी के बाद वह ख़ुद इस मामले की इन्क्वायरी कराएंगे। वाज़ेह किया कि वह अवाम को धोखा नहीं देते और जो लोग धोख़ा देही करते हैं, उन्हें छोड़ते भी नहीं।

इस जलसा-ए-आम में एडवोकेट हिदायतुल्लाह, सलीम मन्ना, रियाज़ मेमन, अब्दुल मन्नान बेग, असलम अंसारी, हाजी ख़ालिद शेख़ रशीद और एहसान शेख़ रमज़ान ने भी ख़िताब करते हुए अवाम से वोट की अपील की।

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